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UP विधान परिषद में आज क्या-क्या हुआ... पढ़िये पूरी खबर


लखनऊ, 08 फरवरी 2024 (आईपीएन)। विधान परिषद में आज मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसा शिक्षकों की समस्याओं व उनके बकाया मानदेय, ग्रामीण एवं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की मजदूरी का मामला गूंजा। सदस्य धु्रव कुमार त्रिपाठी के कुपोषित बच्चों से संबंधित एक सवाल के जवाब ने उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कुपोषण को मिटाना एक सतत प्रक्रिया है। हमारी प्रतिबद्वता है कुपोषण को जड़ से मिटाना। सदस्य शाहनवाज खान के एक सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि दवाओं के रेट निर्धारित करना केन्द्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। हम केन्द्र सरकार के मंत्री से बात करेंगे, वैसे राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में मात्र जेनरिक दवा ही लिखी जाती है।  
शून्य प्रहर में भाजपा सदस्य विजय बहादुर पाठक ने धार्मिक स्थलों के पास से मांस की दुकानें बन्द करने के उच्च न्यायालय के आदेश को सुनिश्चित कराने की सूचना नियम 115 में दी। जिसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने नगर आयुक्त लखनऊ को आदेश दिया था कि यदि धार्मिक स्थलों के 50 मीटर के आस-पास चाहे मंदिर, मस्जिद, चर्च या फिर गुरूद्वारा हो, घनी आबादी या मुख्य सड़क मार्ग के किनारे मांस की बिक्री होती हो तो ऐसी दुकानों को चिहिंत कर तत्काल हटवाया जाये। न्यायालय के इस आदेश का अभी अनुपाल नहीं हो पाया है। कोर्ट के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए मांस की बिक्री मंदिर, मस्जिद और दूसरे धार्मिक स्थलों के सामने हो रही है। राजधानी लखनऊ सहित कानपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, वाराणसी, प्रयागराज, सहारनपुर, मुरादाबाद आदि अन्य महानगरों तथा नगरों में धार्मिक स्थलों के पास भी मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की।
शून्य प्रहर में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव, स्वामी प्रसाद मौर्या, आशुतोष सिन्हा, डा0मानसिंह यादव, शहनवाज खान, मो0जासमीर अंसारी और मुकुल यादव ने उत्तर प्रदेश में मदरसा के आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसा शिक्षकों के केन्द्रांश की राशि जारी कराने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात तो करती है, लेकिन धर्म एवं पंथ के नाम पर भेदभाव कर रही है। 2023 में इनका मानदेय रोक दिया गया है। पहले केन्द्रान्श रोका गया और फिर राज्य सरकार ने इनका मानदेय रोक दिया। उन्होंने कहा जबसे भाजपा की सरकार बनी है, मदरसों की लगातार जांच हो रही है। कहीं कोई अनियमितता है, तो जांच अवश्य होनी चाहिए। जांच के नाम पर प्रताड़ना ठीक नहीं। लाल बिहारी यादव ने कहा मदरसों का आधुनिकीकरण किया गया। उसमें शिक्षक रखे गये। ये शिक्षक सभी समुदाय के हैं। मदरसों में पढ़ने वालों को मुख्य धारा से जोड़ने का उद्देश्य था लेकिन शिक्षकों का उत्पीड़न जारी है। भीषण ठंड में भी बीती 18 दिसम्बर से शिक्षक इको गार्डेन में धरने पर बैठे हैं। सरकार की उपेक्षा से 21 हजार शिक्षक भुखमरी की कगार पर हैं। भाजपा के मोहसिन रजा भी जब कार्य स्थगन प्रस्ताव पर बोलने लगे तब पीठ ने उन्हें टोका कि सत्ता पक्ष का सदस्य कार्य स्थगन पर नहीं बोल सकता। सरकार की ओर से जवाब देते हुए पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा मदरसों में गरीब बच्चे पढ़ते हैं। इन्हें मुस्लिम वोट की चिन्ता है। मदरसा शिक्षा में योगी सरकार की चिन्ता थी कि- हुजूर के बच्चे ही हुजूर न बनें बल्कि मजदूर के बच्चे भी हुजूर बनें। ये बच्चे भी इंजीनियर, डाक्टर, वैज्ञानिक बनें। जब ये लोग पढ़ जायेंगे तो इन्हें बरगलाया और बहकाया नहीं जा सकता।  जांच उन मदरसों की करायी जा रही है जहां की शिकायत मिली थी। उन्होंने कहा शिक्षकों के अवशेष का भुगतान कर दिया जायेगा। यह योजना केन्द्र आधारित थी और केन्द्र सरकार का जो निर्णय होगा उसी के अनुरूप हम काम करेंगे। सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने सरकार को निर्देश दिया कि अपने संसाधनों से देखिये शिक्षकों को काम का मात्र चालीस फीसदी वेतन उचित नहीं है।
बहुजन समाज पार्टी के भीमराव अम्बेडकर ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को उपयुक्त मजदूरी न मिलने का मामला कार्य स्थगन के रूप में कार्य स्थगन के रूप में उठाया। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के मजदूरों की स्थिति दयनीय है। सरकार मजदूर विरोधी है। इसका उदाहरण है अब तक मजदूरी सलाहकार बोर्ड का गठन न होना। मजदूरांे को उनके श्रम का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। मजदूरों की मजदूरी दोगुनी की जाये और सरकारी छुट्टी रविवार की मजदूरी इनके खाते में भेजी जाये। उन्होंने कहा सरकार मजदूरों को इजराइल भेज रही है। क्या उसने मजदूरों को मजदूरी तय करवाई है। पहले गरीब भूमिहीनों को जमीन मिलती थी, अब लैण्डबैंक बनाकर सरकार उद्योगपतियों को जमीन देती है। सरकार की ओर से जवाब देते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा गरीब के कल्याण और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के प्रति हमारी सरकार गंभीर और प्रयासरत है। मजदूरों को उनकी मेहनत के अनुकूल मजदूरी मिल सके, इसके लिए सरकार प्रयत्नशील है। न्यूनतम मजदूरी पर रिब्यू के लिए सरकार ने कमेटी बनायी है। कमेटी की सिफारिशें आने पर सरकार कार्रवाई करेगी। मजदूरों को हम तकनीकी शिक्षा देकर उन्हें स्किल्ड लेबर बनाकर रोजगार देने का काम कर रहे हैं। पांच हजार श्रमिक इजराइल भेजे जा रहे हैं। जहां उनको खाना-पीना फ्री है, उनकी संरक्षा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भारत सरकार की है।
निर्दलीय समूह के राजबहादुर सिंह चंदेल, डा0 आकाश अग्रवाल ने प्रदेश के राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा योजना के अन्तर्गत काम करनेवाले  अतिथि विषय विशेषज्ञों के मानदेय की दरों को पुनरीक्षित किये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। राजबहादुर सिंह चंदेल, डा0 आकाश अग्रवाल, धु्रव कुमार त्रिपाठी एवं लाल बिहारी यादव ने अपने विचार व्यक्त किये। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा वेतन पुनरीक्षण पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। अधिष्ठाता डा0 जयपाल सिंह ’व्यस्त’ ने प्रस्ताव का परीक्षण करके जनहित में निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का सरकार को निर्देश दिया।
शिक्षक दल के धु्रव कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश में तदर्थ शिक्षकों को सम्मानित मानदेय दिये जाने तथा मानदेय लागू होने तक पूर्ण वेतन दिये जाने का मामला कार्य स्थगन के रूप में उठाया। ध्रुव कुमार त्रिपाठी, राज बहादुर सिंह चन्देल ने कहा स्थिति गंभीर है। जनहित, समाजहित और मानवकल्याण में निर्णय होना चाहिए। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा चयन प्रक्रिया करायी गयी थी। इसमें इन्हें अतिरिक्त अंक भी दिये गये। जो चयन प्रक्रिया में रह गये हैं वे न विनियमितीकरण के हकदार है और ना ही राजकोष से वेतन पाने के। अधिष्ठाता ने विषय को संवेदनशील बताते हुए सरकार को समाधान के त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये।

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